यूजीसी खत्म एचईसीआई (हायर एजुकेशन कमीशन आफ इंडिया) लेगा जगह

ugcउच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने और फर्जी विश्वविद्यालयों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने यूजीसी एक्ट में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। इसके तहत यूजीसी नाम की संस्था अब खत्म हो जाएगी। इसकी जगह एचईसीआइ (हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया) लेगा। लेकिन इसके पास विश्वविद्यालयों और कालेजों को वित्तीय मदद देने का अधिकार अब नहीं होगा। अब यह अधिकार सीधे मंत्रलय के पास होगा।

केंद्र सरकार ने बुधवार को नए अधिनियम के मसौदे का प्रस्ताव रखते हुए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी की जगह एचईसीआइ की व्यवस्था बताई है। मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने अपनी वेबसाइट पर मसौदे को जारी करते हुए सभी शिक्षाविदों और आम जनता से इस मुद्दे पर अपने सुझाव देने को कहा है। यह सुझाव सात जुलाई को शाम पांच बजे से पहले तक मांगे गए हैं। संशोधन बिल आगामी मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

नए एक्ट के तहत एचईसीआइ के पास फर्जी विश्वविद्यालयों और फर्जी डिग्री बांट रहे संस्थानों के खिलाफ सीधी कार्रवाई और मान्यता रद करने तक का अधिकार होगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ जुर्माना और तीन साल की सजा का भी अधिकार होगा। नए एक्ट के तहत सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक ही आयोग होगा। इनमें केंद्रीय विवि, राज्य विवि, निजी विवि, डीम्ड विवि आएंगे, जिनके लिए वह नियम और दिशा-निर्देश तय कर सकेंगे। अभी निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों के लिए नियम मंत्रलय से तय होते हैं। एचईसीआइ के दायरे में आनलाइन रेगुलेशन, नैक को मजबूती देने, विवि और कालेजों को स्वायत्तता, स्वयं पोर्टल सहित ओपन लर्निग रेगुलेशन आदि तय करने का भी काम होगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर इस बदलाव पर खुशी जताई और कहा कि इससे उच्च शिक्षा में चल रहे इंस्पेक्टर राज का भी खात्मा होगा। मौजूदा समय में मंत्रलय के पास विवि और कॉलेजों को ज्यादा ग्रांट देने और निरीक्षण के नाम पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले भी सामने आते रहे हैं। यही वजह है कि एचईसीआइ के पास वित्तीय अधिकार नहीं होगा। उसका फोकस सिर्फ विश्वविद्यालयों के पठन-पाठन और शोध क्षेत्र में किए जा रहे उसके कामकाज को लेकर रहेगा।

ऐसा होगा एचईसीआइ का सेटअप?

नए एक्ट के तहत गठित होने वाले एचईसीआइ में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े 12 सदस्य भी होंगे। आयोग का एक सचिव भी होगा। इन सभी की नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी। चेयरमैन का चयन कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय सर्च कमेटी करेगी। इनमें उच्च शिक्षा सचिव भी बतौर सदस्य शामिल होंगे।

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