आईआईटी का सीटें बढ़ाने से इन्कार, रिसर्च पर करना चाहते हैं फोकस

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी (आईआईटी) ने बीटेक की सीटें बढ़ाने से मना कर दिया है। खबर है कि सभी बड़े आईआईटी ग्रेजुएशन में सीटें नहीं बढ़ाएंगे। इंस्टीट्यूट का कहना है कि वे सीट बढ़ाने के बजाए पोस्ट ग्रेजुएशन और रिसर्च पर फोकस करना चाहते हैं। भारत में कुल 23 आईआईटी हैं।

इनमें से केवल नए पांच आईआईटी ही 2017-18 सत्र के लिए बीटेक की सीटें बढ़ाने पर राजी हुए हैं। इस हिसाब से सत्र में करीब 250 सीटों की ही बढ़ोत्तरी होगी। खबरों के मुताबिक, सबसे पहले आईआईटी हैदराबाद अगले सत्र में 40 सीटों को बढ़ाएगा। वहीं आईआईटी मंडी 50, आईआईटी पटना 25, आईआईटी रोपर 105 और आईआईटी जम्मू 30 सीटें बढ़ाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2017-18 में बीटेक प्रोग्राम में दाखिले की तैयारियों के लिए विभिन्न आईआईटी प्रबंधन की राय मांगी गयी थी। हालांकि पुराने आईआईटी ने बीटेक प्रोग्राम में सीटों की बढ़ोतरी करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। उनका मानना है कि बीटेक में सीट बढ़ोतरी की बजाय पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ-साथ रिसर्च पर फोकस करना चाहिए।

रिपोर्ट में केवल पांच आईआईटी ने ही जताई है अपनी पूर्ण सहमति

आईआईटी मुंबई, दिल्ली, धारवाड़, गांधीनगर, गोवा, गुवाहाटी, इंदौर, आईएसएम, कानपुर, खड़गपुर, मद्रास, पालाकड, निरुपति, भिलाई व गोवा ने बीटेक प्रोग्राम में सीट बढ़ाने से मना कर दिया है। हालांकि अभी तक आईआईटी बीएचयू, भुवनेश्वर और जोधपुर ने बीटेक प्रोग्राम में सीट बढ़ाने के मामले में कोई जवाब नहीं दिया है।

अगले सत्र में 10,822 सीटों पर दाखिला होगा। जबकि वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा 10,572 था। इसी महीने मानव संसाधन मंत्रालय को 20 आईआईटी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में केवल पांच आईआईटी ने ही अपनी पूर्ण सहमति जताई है जबकि अन्य कई इसे लेकर अभी भी सहमत नही हैं।

Source : http://www.amarujala.com/national/campus/too-stretched-can-t-increase-btech-seats-only-five-iits-agreed