उत्तराखंड में BAMS की 60 सीटें बढ़ीं, आयुर्वेद विवि में पहली बार कोर्स

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पहली बार उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर को बीएएमएस की मान्यता मिली है। हर्रावाला स्थित परिसर में 60 सीटों पर दाखिले दिए जाएंगे। विवि के ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर की सीटें बढ़ाने पर फैसला अब 16 नवंबर को होगा।

उत्तराखंड आयुर्वेद विवि की ओर से प्रदेश में बीएएमएस और बीएचएमएस की प्रथम चरण की काउंसलिंग होने के बाद अब छात्रों को दूसरे चरण के लिए सीटें बढ़ने का इंतजार था। आयुर्वेद विवि के हर्रावाला स्थित परिसर में बीएएमएस की 60 सीटों की मान्यता मिल गई है। विवि को यह मान्यता एक साल के लिए मिली है। अगले साल तक फैकल्टी पूरी होने के बाद पांच साल के लिए मान्यता मिलेगी।

उधर, ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर में सीटें बढ़ने का मामला अधर में लटका है। ऋषिकुल में दस सीटें बढ़ने की संभावना है, जबकि गुरुकुल में फैकल्टी न होने की वजह से संभावना कम ही नजर आ रही है। हालांकि अभी दोनों परिसरों में सीटें बढ़ने पर 16 नवंबर को फैसला होगा।

यहां अहम मुद्दा यह भी है कि पद सृजित होने के बावजूद आयुर्वेद विवि में शिक्षकों और दूसरे कर्मचारियों की भर्ती अटकी हुई है। इस साल से आयुष मंत्रालय ने यह फैसला लिया है कि जिन कॉलेजों के पास फैकल्टी पूरी होगी, केवल उन्हीं को पांच साल के लिए मान्यता दी जाएगी। जहां फैकल्टी की कमी होगी, वहां केवल शपथ पत्र के आधार पर एक साल के लिए मान्यता दी जाएगी।

28 और 29 नवंबर को होगी काउंसिलिंग

बढ़ी हुई सीटों पर काउंसलिंग 28 और 29 नवंबर को होगी। आयुर्वेद विवि के कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार मिश्रा ने बताया कि 28 नवंबर तक जितने भी कॉलेजों की मान्यता या सीटें बढ़ जाएंगी, उन्हें भी काउंसिलिंग में शामिल किया जाएगा। फिलहाल, 60 सरकारी कोटे की सीटों पर मौका मौजूद है।

Source : http://www.amarujala.com/dehradun/campus/bams-course-in-ayurved-university